Amarnath Yatra: श्री अमरनाथ यात्रा के लिए तैयार हो रहा सुरक्षा कवच 35 अतिरिक्त बटालियन संभालेगी सुरक्षा व्यवस्था - SAMACHAR GYAN Amarnath Yatra: श्री अमरनाथ यात्रा के लिए तैयार हो रहा सुरक्षा कवच 35 अतिरिक्त बटालियन संभालेगी सुरक्षा व्यवस्था - SAMACHAR GYAN

Amarnath Yatra: श्री अमरनाथ यात्रा के लिए तैयार हो रहा सुरक्षा कवच 35 अतिरिक्त बटालियन संभालेगी सुरक्षा व्यवस्था

श्रीनगर, राज्य ब्यूरो : अमरनाथ यात्रा के सुरक्षा कवच को 15 जून तक पूरी तरह तैयार कर लिया जाएगा। सुरक्षा कवच को पूरी तरह अभेद्य बनाने के लिए पुलिस, सेना, केंद्रीय अर्धसैनिकबलों के करीब 35 बटालियन (एक वाहिनी में हजार अधिकारी व जवान होते हैं) भी तैनात रहेंगी।

श्रद्धालुओं के आधार और यात्रा शिविरों में आतंकियों की घुसपैठ और उनके मंसूबे नाकाम बनाते हुए उन्हें मार गिराने के लिए अत्याधुनिक उपकरणों के साथ खोजी कुत्तों की भी मदद ली जाएगी। संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन से भी नजर रखी जाएगी।

आपको बता दें कि श्री अमरनाथ की पवित्र गुफा की वार्षिक तीर्थयात्रा वर्ष 2019 में अगस्त के पहले सप्ताह में जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम लागू करने के मद्देनजर एहतियातन बंद कर दी थी। इसके बाद वर्ष 2020 और 2021 में कोविड-19 से उपजे हालात के कारण तीर्थयात्रा आम श्रद्धालुओं के लिए बंद रही थी। इस वर्ष यह यात्रा 30 जून से 11 अगस्त तक चलेगी। इसमें लगभग आठ लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।

आतंकियों ने दी है धमकी : अमरनाथ यात्रा को लेकर बने उत्साह और कश्मीर में लगातार घटते अपने दबदबे व अपने अधिकांश कमांडरों के मारे जाने से हताश आतंकी संगठनों ने तीर्थयात्रा को निशाना बनाने की धमकी दे रखी है। प्रदेश प्रशासन और केंद्रीय गृह मंत्रालय नियमित तौर पर तीर्थयात्रा के मार्ग और आधार शिविरों की सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रबंधों की समीक्षा कर उन्हें यथासंभव मजबूत बना रहे हैं। यात्रा के लिए तैयार किए जा रहे सुरक्षा कवच में पुलिस, सेना, सीआरपीएफ, बीएसएफ, एसएसबी, सीआइएसएफ के जवान व अधिकारी शामिल किए गए हैं। बालटाल से पवित्र गुफा और नुनवन पहलगाम से पवित्र गुफा तक दोनों यात्रा मार्गों पर सुरक्षाबलों की तैनाती की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह प्रक्रिया 15 जून तक पूरी की जाएगी।

सुरक्षाबलों की अस्थायी चौकियां और नाके भी स्थापित : सूत्रों ने बताया कि तीर्थयात्रा के सुरक्षा कवच के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जम्मू कश्मीर प्रशासन को केंद्रीय अर्धसैनिकबलों की 35 बटालियन अतिरिक्त तौर पर उपलब्ध कराई हैं। इन वाहिनियों का आगमन मार्च में शुरूहुआ था और यह प्रक्रिया अगले दो- तीन दिन में पूरी हो जाएगी। देश के विभिन्न हिस्सों से यात्रा ड्यूटी पर इन वाहिनियों को वादी में तैनात करने से पूर्व इन्हें स्थानीय परिवेश के बारे में बताया है। दोनों प्रमुख आधार शिविरों से पवित्र गुफा तक के दोनों यात्रा मार्गों पर सुरक्षाबलों की तैनाती 15 जून तक पूरी कर ली जाएगी। लखनपुर से जम्मू, जम्मू से ऊधमपुर और ऊधमपुर से रामबन-बनिहाल, बनिहाल से काजीगुंड, काजीगुंड से खन्नाबल- नुनवन पहलगाम, काजीगुंड से श्रीनगर और श्रीनगर से गांदरबल-बालटाल तक के मार्ग पर सु़रक्षाबलों की तैनाती 15 जून के बाद शुरू होगी जिसे अगले एक सप्ताह में पूरा किया जाएगा। सभा मार्गों पर सुरक्षाबलों की अस्थायी चौकियां और नाके भी स्थापित किए जाएंगे। हाईवे पर जहां भी किसी संपर्क मार्ग का मेल होता है, वहां पर भी विशेष नाका या फिर सुरक्षाबलों का क्यूआरटी दस्ता तैनात रहेगा।

रोड ओपनिंग पार्टी की हरी झंडी के बाद ही आगे बढ़ने की अनुमति मिलेगी : यात्रा मार्ग के सभी हिस्सों पर सीआरपीएफ, सेना और बीएसएफ के जवान रोड ओपनिंग का जिम्मा संभालेंगे। रोड ओपनिंग पार्टी की हरी झंडी के बाद ही संबंधित क्षेत्र से श्रद्धालुओं के काफिले को गुजरने की अनुमति मिलेगी। श्रद्धालुओं के वाहनों के काफिले के आगे-पीछे और काफिले के बीच में भी सीआरपीएफ के जवानों के वाहन चलेंगे। श्रद्धालुओे के वाहनों के साथ साथ श्रद्धालुओं की निगरानी भी आरएफआइडी से होगी ताकि वह यात्रा मार्ग से आगे पीछे न हो सकें।

एंटी ड्रोन तकनीक का भी इस्तेमाल : यात्रा मार्ग की निगरानी में ड्रोन का भी इस्तेमाल होगा। आतंकी किसी भी तरह से ड्रोन के जरिए तीर्थयात्रा मार्ग पर कोई हमला न कर सकें, इसके लिए चिन्हित स्थानों पर एंटी ड्रोन तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। स्टिकी बम के खतरे से निपटने के लिए श्रद्धालुओं के वाहनों और तीर्थयात्रा की सुरक्षा में शामिल जवानों के वाहनों के लिए भी सुरक्षा ड्रिल में आवश्यक बदलाव किया गया है। आधार शिविरों में कोई भी श्रद्धालु बिना जांच दाखिल नहीं हो पाएगा। यात्रा मार्ग और आधार शिविरों में चिन्हित जगहों पर सीसीटीवी का भी इस्तेमाल किया जाएगा। तीर्थयात्रा में टेंट, पालकी, घोड़े इत्यादि सेवा प्रदान करने वालों की भी नियमित जांच होगी।

एजेंसियों के बीच तालमेल, संवाद और समन्वय बढ़ाने पर जोर : अमरनाथ यात्रा के सफल प्रबंधन के लिए असैन्य और सैन्य एजेंसियों के बीच तालमेल, संवाद और समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया। इसमें सेना और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने एक सुरक्षा सम्मेलन में भाग लिया। डेल्टा फोर्स के जनरल आफिसर कमांडिंग और जम्मू के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने शनिवार को रामबन जिले के धरमुंड आर्मी गैरीसन में बैठक की अध्यक्षता की। प्रवक्ता ने कहा कि आगामी तीर्थयात्रा के लिए असैन्य एवं सैन्य एजेंसियों के बीच तालमेल, संवाद और समन्वय बढ़ाने के उद्देश्य से रामबन और किश्तवाड़ जिलों के नागरिक प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की गई। बैठक में डोडा, किश्तवाड़ और रामबन के पुलिस उपमहानिरीक्षक, रामबन के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी), एसएसपी (यातायात) और क्षेत्र के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने भी भाग लिया। बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published.