ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे पूरा हो चुका है और हिन्दू पक्ष ने दावा किया था शिवलिंग का वह निकला फुबारा - SAMACHAR GYAN ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे पूरा हो चुका है और हिन्दू पक्ष ने दावा किया था शिवलिंग का वह निकला फुबारा - SAMACHAR GYAN

ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे पूरा हो चुका है और हिन्दू पक्ष ने दावा किया था शिवलिंग का वह निकला फुबारा

  • ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे पूरा हो चुका है और हिन्दू पक्ष ने दावा किया है कि वजु करने के स्थान पर शिवलिंग मिला है। हिन्दू पक्ष ने दावा किया है कि सर्वे के दौरान 12 फीट 8 इंच लम्बा शिवलिंग नंदी के ठीक सामने पाया गया है। याचिकाकर्ता सोहनलाल आर्या ने कहा कि शिवलिंग को देखते ही परिसर में हर-हर महादेव के नारे लगने लगे और लोग ख़ुशी से नाचने लगे। हालाकि उसकी रखवाली करने वाले मुस्लिम पक्ष ने नया खुलासा करते हुए हिंदू पक्ष के लोगो के मंसूबों पर पानी फेर दिया है. दरअसल जिसे वह शिवलिंग समझ रहे है वह वर्षों पुराना बंद पड़ा फंवरा निकला.
  • वहीं मुस्लिम पक्ष ने शिवलिंग मिलने की बात को नकार दिया है। मुस्लिम पक्ष ने कहा, “शिवलिंग जैसी कोई चीज नहीं मिली है। जिसे वो शिवलिंग कह रहे हैं, वो दरअसल फव्वारे का एक हिस्सा है। ये फव्वारा 10 साल पहले तक काम करता था लेकिन अभी ये ख़राब है।” हालांकि अब उस वजु स्थल पर पानी डाल दिया गया है, ताकि नमाजियों को कोई दिक्कत न हो। लेकिन उसके   सीआरपीएफ को तैनात कर दिया गया है। ताकि उस जगह के साथ कोई छेड़छाड़ न की जाए।
  • वहीं सर्वे के बाद याचिकाकर्ता सोहनलाल आर्या ने कहा, “जिसकी नंदी प्रतीक्षा कर रहे थे , वो बाबा मिल गए। जो सोचा गया था उससे अधिक साक्ष्य मिले हैं। जैसे ही शिवलिंग दिखा, परिसर में हर-हर महादेव के नारे गूंजने लगे। क्या बताये लोग नाचने लगे और पश्चिमी दीवार के पास जो मलबा है, उसकी जांच के लिए भी कोर्ट जाएंगे।
  • वाराणसी के डीएम कौशल राज शर्मा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “जांच आयोग के किसी भी सदस्य ने ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वेक्षण के ब्योरे का खुलासा नहीं किया। कहीं भी कोई नारा नहीं लगाया गया है। अगर किसी ने सर्वे के बारे में कोई बात बताई है, तो ये उनके निजी विचार हैं। न्यायालय सर्वे के बारे में जानकारी का संरक्षक है।”
  • वहीं कोर्ट ने उस जगह को सील करने का आदेश दे दिया जहाँ शिवलिंग के मिलने का दावा किया जा रहा है। बता दें कि कल कोर्ट में जांच कमीशन अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा और फिर कोर्ट फैसला सुनाएगा। ध्यान देने वाली बात यह भी होगी कि क्या तीनों कमिश्नर अपनी रिपोर्ट में अलग अलग मत रखते हैं या फिर सबकी फाइंडिंग एक रहेगी।

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