खाना खाते समय नकारात्मक सोच से सेहत पर पड़ता है गहरा असर

हमारे दिमाग की शक्ति बढ़ाने में आहार की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कई एक्सपर्ट ब्रेन फ़ूड जैसे एवोकैडो, अखरोट और मछली डाइट में शामिल करने की राय देते हैं।
● आप कितनी भी पौष्टिकता वाली चीज खाने के लिए चुन लें, लेकिन अगर आप उसे बुरे मूड़ में खा रहे हैं तो उसका फायदा आपको कम ही पहुंचेगा।
● बुरे मूड़ में कुछ भी खाने पर उस फ़ूड के 80 प्रतिशत पोषक तत्व आपको खोने पड़ सकते हैं
● खाना खाते समय ज्यादा देर तक सोचनेवाली आदत दिल को कमजोर बनाती है।

● एक खराब मानसिक स्थिति डाइजेशन को ठीक तरह से काम करने से रोकती है। ऐसा सेलुलर स्तर पर होता है।
● तनाव दिल की सेहत के लिए सबसे ज्यादा नुकसानदायक है। तनाव से हानिकारक कोलेस्ट्रॉल के स्तर में इज़ाफा होता है। धमनियां संकरी हो जाती हैं और हृदय को पर्याप्त मात्रा में खून नहीं मिलता, जिससे दिल का दौरा आने की आशंकाएं बढ़ जाती हैं।

● रिसर्च के अनुसार, खाना खाते समय गुस्सा आन के कारण दिमाग में सूजन हो जाती है, जिससे ब्रेन स्ट्रोक, दिल के दौरे, और सीने में दर्द होने के खतरे बढ़ जाते हैं।

● उदाहरण के लिए अग्न्याशय पाचन एंजाइमों और हार्मोन का उत्पादन करने के साथ-साथ पोषक तत्वों के अवशोषण में सहयोग करता है।

● अग्न्याशय लगभग 20 अलग-अलग न्यूरोपैप्टाइड्स ( हमारे मस्तिष्क में न्यूरॉन्स और हमारे शरीर में जीआई कार्यों के बीच प्रमुख मध्यस्थ) को स्रावित करता है।

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